स्वयं घोषित और स्वयं प्रचारित शुद्रो और इनके हितैषियों से संवाद का एक
प्रयास।
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स्वयं घोषित और स्वयं प्रचारित शुद्रो और इनके हितैषियों से संवाद का एक
प्रयास।
आजकल हमारे देश में दलहित भावना बहुत फल फूल रही है।वर्तमान प्रोमोशनल हाई
प...
2 दिन पहले

बहुत दिनो बाद पुराने अन्दाज़ की गज़ल देखी…………बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर रचना है। बधाई स्वीकारें।
जवाब देंहटाएंबेहतरीन रचना..बधाई स्वीकारें
जवाब देंहटाएंनीरज
how u honey?good post.keep wwriting,it will give u a new enjoyment of creativity.
जवाब देंहटाएंdr.bhoopendra
rewa
mp
haushle par gar apne ho yakeen
जवाब देंहटाएंsamandar par tum chal kar dekho......:)
sahi hai bhai...waise ye shabd tere liye hi hai..tum bahut aage jaoge:)
dil ko chhone wali rachnaen.
जवाब देंहटाएंbehtar disignining ke lie punah badhaee.
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