हस्त कला के ये मंत्र
निर्जीव को भी जीवित करने के ये तंत्र
मुझे भी सिखाओ
दिल की भावनाये
कुछ अक्षय अकिर्तियाँ
मन की जिज्ञासाएं
अपनी ये हस्त कलाएं
मुझे भी बतलाओ
मोन मैं भी अमोनता
एक निर्जीव वस्तु से दिल की बात कहलवाने की तुम्हारी क्षमता हमें भी समझाओ
इनकी अमिट मुस्कुराहट से दिल लुभाती इस बनावट से
हमारी भी पहेचान कराओ
अश्रुओ से मिट्टी के मिलन का
दर्द मैं ढलकर हँसते जीवन का
एहेसास हमें भी तो कराओ
Happy Birthday Rishabh ...
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बुढ़ाते जीवन की थाती में
सबसे अमूल्य वही है,
पापा के रूप में
जिया गया
बेटे का बचपन।
वो छोटे-छोटे कथन
जो ऑफिस से लौटते हुए
सुनने पड़ते थे,
अब समझ आता है,...
16 मिनट पहले

















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